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Nukkad Natak: “Aaina” (The Mirror of Civic Sense)

by swachhjk June 4, 2026
Characters: 1. Sutradhaar (Narrator): High energy, carries a large "Mirror" (can be a frame). 2. Paan-Man (Chubby): Spits everywhere, thinks walls are his canvas. 3. Selfie-Star (Madam): Only cares about her photos, throws trash behind her. 4. The...
by swachhjk June 4, 2026
(The City's Exam: Swachh Survekshan 2026) Characters: 1. Sutradhaar: The high-energy "Principal" of the play. 2. Sharma Ji: The skeptical citizen who thinks his "one vote" won't matter. 3. Riya: A college student, tech-savvy and aware. 4. The Volunteer: Explaining the 5 stars...
by swachhjk June 4, 2026
Characters: 1. Sutradhaar (Narrator): With a drum (Dafli) or rhythmic clapping. 2. Kachra Rakshas (GVP): A loud, villainous character representing the garbage pile. 3. Common Man (Papa): Patriotic in words, but lazy in action. 4. Beti (Child): The emotional heart of the...
by swachhjk June 4, 2026
नुक्कड़ नाटक: EK स्वच्छ समाज का सपना पात्र: • सूत्रधार: कहानी को बताने वाला • बुजुर्ग: एक अनुभवी और समझदार व्यक्ति • पप्पू: एक युवा, जो अपनी आदतों से बेखबर है • मीना: एक जागरूक और समझदार महिला • अन्य पात्र: कुछ लोग जो भीड़ का हिस्सा हैं • दृश्यों का क्रम: • दृश्य 1:(नुक्कड़ पर चहल-पहल है। कुछ लोग खड़े हैं, कुछ बात कर रहे हैं। तभी पप्पू केले का छिलका खाकरबीच सड़क पर फेंक देता है।) • सूत्रधार:सुनो-सुनो, भाई सुनो suno !स्वच्छता है हम सबका कर्तव्य,पर कौन nibhayega ये फर्ज? यही तो है असली सवाल,जब हर कोई feke कचरा बाहर। • पप्पू:(केले का छिलका फेंकते हुए, looks for a dustbin around)क्या hi फर्क पड़ता है? कोई और उठा लेगा। mujhe क्या है? • बुजुर्ग:(पप्पू को देखते हुए)beta , ये सड़क सिर्फ tumhari नहीं hai , balki हम sabhi ki है। अगर सब ऐसा ही सोचेंगे तो हमारादेश साफ कैसे होगा? • पप्पू:(हँसते हुए)बाबा, रहने dijiye । ये सब बातों से कुछ नहीं होता। • (तभी मीना वहाँ आती है और केले के छिलके से फिसलते-फिसलते बचती है।) • मीना:(गुस्से में)हे भगवान! अगर मैं गिर जाती तो? किसने फेंका ये कचरा yahan sadak ke beech ? • पप्पू:(मीना को अनदेखा करते हुए आगे बढ़ जाता है) • मीना:(छिलका उठाकर पास के कूड़ेदान में डालती है)hadd hai ! कूड़ेदान itna पास honey ke bawajood, फिर भी लोग itni laparwahi...
by swachhjk June 4, 2026
पात्र: • सूत्रधार: arun, जो नाटक का वर्णन करता है और लोगों को हँसाता है। • पड़ोसी (रमेश): एक युवा, बेपरवाह लड़का जो कचरा कहीं भी फेंकता है। वह थोड़ा लापरवाह है। • समझदार गृहिणी (सुनीता): एक जागरूक महिला, जो थोड़ी तेज-तर्रार है और रमेश को सबक सिखाने में माहिर है। • सफाई वाला (काका): एक अनुभवी सफाई कर्मचारी जो बीच-बीच में अपनी बातें कहते हैं। • दो-तीन और पात्र (गली के लोग): भीड़ का हिस्सा बनते हैं। (नाटक की शुरुआत एक फिल्मी गाने की धुन पर होती है, जिसे कलाकार अपने अंदाज में गाते हैं) सभी कलाकार: • 🎶 (गाना) देखो-देखो ये गली है हमारी, • कचरा फैला के हमने, हालत है बिगाड़ी। • बीमारियों से अब है परेशानी, • जागो रे जागो, ये बात है बतानी! वाह-वाह! (सूत्रधार (arun) आगे आता है) • Arun :वाह भई वाह! बहुत अच्छा गाया!तो दोस्तों, स्वागत है आपका गली रंगीली में।यहाँ हर तरह के रंग हैं, पर सबसे गहरा रंग है,कचरे का रंग!और इस कचरे के रंग को बदलने आ रहे हैं हमारे दो कलाकार,एक हैं हमारे रमेश बाबू, जो घर का कचरा फेंकने से पहले कुछ सोचते ही नहीं...और दूसरी हैं, गली की शेरनी, सुनीता बहन! (रमेश, एक बड़े से थैले में कचरा लेकर आता है। उसमें से कुछ छिलके और गंदा पानी टपक रहा है।वह गली के कोने में जाता है।) • रमेश:(थैला हवा में उछालते हुए) lo भई, roz roz itna kachra ( kachra fekte hue ) (तभी सुनीता, अपने गमले में पानी डालते हुए उसे देखती है। वह रमेश के पास जाती है, हाथ में झाड़ूलिए हुए।) • सुनीता:अरे रमेश bhaiya ! क्या कर रहे हो?ye apne ghar ke kachre ki badbu saare mohalle ko kyu sunga rhy ho गीले कचरे कातड़का, गली में क्यों लगा रहे हो? • रमेश:अरे भाभी जी! Ek toh आपका bhi रोज का है apna kaam kijiye na।सुबह-सुबह दिमाग का कचरा साफ करने आ जाती हैं। यह तो कचरा है, कचरा कहीं भी फेंको, आखिर में जाना तो एक ही जगह है। • सुनीता:क्या कहा? जाना तो एक ही जगह है?अगर सारा कचरा एक जगह जाएगा, तो हमारे शहर का क्या होगा?कचरे के पहाड़ बनेंगे, बदबू फैलेगी और bimariyan , wo alag… (रमेश हाथ-मुँह हिलाते हुए कहता है) • रमेश:अरे Bhabhi ji इतना दिमाग मत लगाओ!एक ही जिंदगी मिली है, आराम से जीने दो।मैं तो कहता हूँ, जो मन में आए करो। (तभी सफाई वाला काका वहाँ आते हैं। वह थके हुए हैं।) • काका:अरे, ये क्या हो रहा है?ye kya फिर से वही कचरा-कचरा। ( pointing towards...
by swachhjk June 4, 2026
कचरे का चक्रव्यूह, समाधान है 3R पात्र: • सूत्रधार (रोहन): एक उत्साही युवक जो 3R सेंटर का समर्थक है। • दामिनी आंटी: एक महिला जो पुरानी चीज़ों को फेंकना पसंद करती है। • पप्पू: एक गरीब बच्चा, जो ज़रूरत का सामान ढूंढ रहा है। • कचरा वाला (कालू काका): एक साधारण सा सफाई कर्मचारी। • कुछ और कलाकार: जो भीड़ का हिस्सा बनकर नाटक में भाग लेते हैं। • (नाटक की शुरुआत एक उदास और तेज संगीत से होती है, जिसमें kuch कलाकार कचरा उठाते औरफेंकते दिखाई देते हैं। वे थके हुए kehte hain ki ye saman fekne ki halat mein toh nhilgta isko toh doabar istemal kiya ja skata tha khair chodo)  • सूत्रधार (रोहन):(दर्शकों की तरफ होकर)नमस्ते दोस्तों! देखिए, यह humare samaaj का हाल है।हर गली, हर शहर कचरे से परेशान है।हम रोज़ कुछ न कुछ नया खरीदते हैं,और पुराना सामान बिना सोचे-समझे फेंक देते हैं। • (दामिनी आंटी मंच पर आती है, उनके हाथ में पुराने कपड़े, किताबें और एक टूटा हुआ खिलौना है। वहउन्हें कचरे के ढेर पर फेंकने वाली होती है।) • दामिनी आंटी:अरे! यह पुरानी साड़ी, यह फटी kitabein ,कौन रखेगा इन बेकार चीज़ों ko ?inhe fek hi deti hu.  • (कालू काका कचरा उठाने आते हैं। तभी पप्पू, जो दूर से यह सब देख रहा है, दौड़ता हुआ आता है।) पप्पू:अरे, रुक जाइए!आप यह सब क्यों फेंक रही हैं?यह खिलौना... यह kitabein... मेरे लिए ye kabaad नहीं है, ye sb mujhe dedijiye । दामिनी आंटी:(आश्चर्य से)अरे beta, ये तो पुराने हो चुके हैं।तुम इनका क्या करोगे? पप्पू:(खिलौने को प्यार से छूते हुए)यह खिलौना meri choti behen को बहुत पसंद आएगा।और यह kitabein ... इससे मैं पढ़ना सीखूँगा। (दामिनी आंटी शर्मिंदा हो जाती है।) सूत्रधार (रोहन):(रोहन बीच में आता है)देखा दोस्तों! एक का कचरा, दूसरे ke liye kanchan saabit hoskta है।in sabhi ka thikana toh hai humara ye 3R centre.  ( pointing towards the 3R centre)  (रोहन और बाकी कलाकार मिलकर गाना गाते हैं) गाना: • रिड्यूस, रियूज, रीसाइकल, • कचरे से मुक्ति का है नया सर्कल। • पुराना सामान अब बेकार नहीं,...
by swachhjk June 4, 2026
पात्र: • सूत्रधार (Sutradhar): नाटक का संचालक। • श्रीमती शर्मा (Mrs. Sharma): एक मॉडर्न, लेकिन लापरवाह महिला। • श्री गुप्ता (Mr. Gupta): उनके पड़ोसी, par थोड़े जागरूक। • कचरा बाबू (Kachra Babu): कचरा संग्रह वाहन चालक/सहायक। स्थान:एक व्यस्त सड़क का कोना, जहाँ एक कचरा-गाड़ी रुकी हुई है। (नाटक की शुरुआत ढोल या ताली की गड़गड़ाहट से होती है। सूत्रधार सामने आता है।) सूत्रधार:"स्वच्छता की बातें सब करते हैं,पर निभाते कितने हैं?आइये, देखते हैं एक छोटी सी कहानी,जिसमें छिपी है एक गहरी निशानी!" (कचरा-गाड़ी 'Gaadi wala aya ghar se kachra nikaal – song “ बजाते हुए आती है और रुकती है।कचरा बाबू गाड़ी के पास खड़ा हो जाता है। तभी श्रीमती शर्मा अपने घर से बाहर आती हैं, उन्होंने बहुतफैशनेबल कपड़े पहने हैं और उनके हाथ में एक बड़ा-सा कूड़े का थैला है।) श्रीमती शर्मा:(नखरे से) ओह गॉड! ये रोज़-रोज़ का itna कचरा... (कचरे के थैले को गाड़ी में फेंकने की कोशिश करती हैं, लेकिनहड़बड़ी में आधा कचरा गाड़ी के बाहर सड़क पर बिखर जाता है।) श्री गुप्ता:(अपने घर की बालकनी से झांकते हुए) अरे-अरे mrs. शर्मा ! ये क्या किया? आधा कचरा तो बाहर ही फैला दियाaapne ! श्रीमती शर्मा:(गुस्से में) अरे गुप्ता जी, आप rehne dijiye ! मेरा काम हो गया, अब ये सब उठाना इनका (कचरा बाबू का) कामहै। inhi ki तो ड्यूटी है ये सब साफ करना! कचरा बाबू:(शांत और नम्रता से) बहन जी, गाड़ी में डालना आपकी ज़िम्मेदारी है, गाड़ी से उठाना मेरी। लेकिन जो आपने बाहरबिखेर दिया, वो तो गलत तरीका है ना। श्रीमती शर्मा:(हंसते हुए) तरीका? अरे भैया, मैं already बहुत बिजी हूँ, मेरे पास इतना टाइम नहीं है कि एक-एक lifafa alag alag karu। aap अपना काम करो,aur मुझे देर हो रही है किटी पार्टी के लिए! (श्रीमती शर्मा जाने लगती हैं। तभी एक 'ट्विस्ट' आता है - एक और कलाकार, जो अब तक दर्शकों के बीच मेंथा, अचानक श्रीमती शर्मा के पास आता है। यह पात्र 'यमराज का सहायक' या 'कर्मों का फल' जैसा कुछ होसकता है। उसने मजाकिया ढंग का मेकअप किया हुआ है।)...
by swachhjk June 4, 2026
"सफ़ाई का हीरो कौन? आप!" विषय: स्वच्छ भारत और ज़िम्मेदार नागरिक  पात्र: 1. सूत्रधार (Narrator): जो कहानी को आगे बढ़ाता है। 2. काका जी (Kaka Ji): एक बुजुर्ग, जो ज्ञान बघारते हैं पर खुद गंदगी फैलाते हैं। 3. चिंटू (Chintu): एक लापरवाह युवा। 4. श्रीमती जागरूक (Shrimati Jaagruk): एक ज़िम्मेदार नागरिक। 5. कूड़ा (Kooda): कूड़े का एक चलता-फिरता ढेर (एक पात्र कूड़े के थैले/पोशाक में)। दृश्य 1: शुरुआत और परिचय (जगह: एक व्यस्त गली/चौक। कूड़ा (Kooda) पात्र ज़मीन पर लेटा हुआ है या कोने में बैठा है।) (सूत्रधार (Sutradhar) ज़ोरदार आवाज़ में आता है।) सूत्रधार: अरे भाई! क्या हाल है? आज का विषय है, भारत की शान! पर ये क्या? इस नज़ारे को देख के मत होना परेशान! बात है उस 'स्वच्छ भारत' की, जिसकी सब करते हैं बात, पर काम की बारी आए तो, क्यों छोड़ देते हैं साथ! (सूत्रधार कूड़े की ओर इशारा करता है।) सूत्रधार: मिलिए, हमारे पहले मेहमान से... नाम है इसका 'कूड़ा'! ये हर जगह मिलेगा, जहाँ है 'ज़िम्मेदारी' अधूरी! (कूड़ा अजीब-सी आवाज़ निकालता है और थोड़ा-सा हिलता है।) दृश्य 2: काका जी और चिंटू का कारनामा (हास्य) (काका जी (Kaka Ji) हाथ में केले का छिलका लिए आते हैं। वे बड़े गंभीर दिख रहे हैं।) काका जी: क्या ज़माना आ गया है! देखो तो सही! ज़रा भी सफाई नहीं है देश में। सरकार को कुछ करना चाहिए! मोदी जी नेबोला, 'स्वच्छ भारत'... पर असर कहीं नहीं दिख रहा! (वह छिलका बोलते-बोलते ज़मीन पर फेंक देते हैं, बिल्कुल कूड़े (Kooda) के बगल में। कूड़ा (Kooda) खुशहोकर छिलके को छू लेता है।)...
by swachhjk June 4, 2026
विषय: जल स्रोतों की पवित्रता और उन्हें कूड़े से बचाना (Clean Water Bodies) अवधि: लगभग 10-12 मिनट पात्र:  1. सूत्रधार/एंकर (Sutradhar): जो माहौल बनाता है। 2. गंगा राम (Ganga Ram): एक लापरवाह व्यक्ति जो नदी को डस्टबिन समझता है। 3. जल देवी (Jal Devi): नदी/पानी की देवी (एक मज़ेदार पोशाक में)। 4. डॉक्टर साफ-सफाई (Dr. Saf-Safai): जो बीमारियों के बारे में बताता है। 5. पप्पू (Pappu): एक जागरूक बच्चा। दृश्य 1: गंगा राम और 'जल देवी' की मुलाकात (हास्यपूर्ण परिचय) (जगह: नदी/झील का किनारा। 'जल देवी' (Jal Devi) नदी के प्रतीक के रूप में नीले कपड़े और अजीब-सीगंदी चीज़ों जैसे खाली पैकेट और प्लास्टिक से सजी हुई उदास खड़ी है।) (सूत्रधार ज़ोरदार आवाज़ में आता है।) सूत्रधार: अरे लोगों! ज़रा देखो तो! ये कौन है, जो उदास खड़ी है? क्या कोई ब्यूटी क्वीन है, या किसी फिल्म की हीरोइन बड़ी है? मिलिए, ये हैं हमारी 'जल देवी', पर ये इतना मुँह क्यों फुलाए हैं? देवी जी! क्या बात है, क्यों इतना गुस्सा दिल में दबाए हैं? जल देवी (धीमे और दुखी स्वर में): क्या बताऊँ भाई? पहले लोग मुझे 'माँ' कहते थे, पूजा करते थे! आज-कल मुझे 'कचरा दान' समझते हैं! (वह अपने ऊपर लगे प्लास्टिक को झाड़ती है।) मेरा तो हाल ऐसा हो गया है कि अगर किसी ने नहाने की हिम्मत की, तो उसे सीधे त्वचा रोग का सर्टिफिकेट मिलेगा! (तभी गंगा राम (Ganga Ram) आता है। उसके हाथ में पूजा का सामान, पुराने कपड़े, और एक बड़ाप्लास्टिक का थैला है।) गंगा राम (आवाज़ थोड़ी मोटी):...
by swachhjk June 4, 2026
Characters: • Ustaad (Maalik): Authoritative, loud, carrying a Dafli or a stick. • Jamura: High energy, funny, agile, the "voice of the people." • Chorus (The Team): For background rhythm and slogans. [OPENING: THE CALL] (The team runs in,...