कचरे का चक्रव्यूह, समाधान है 3R
• सूत्रधार (रोहन): एक उत्साही युवक जो 3R सेंटर का समर्थक है।
• दामिनी आंटी: एक महिला जो पुरानी चीज़ों को फेंकना पसंद करती है।
• पप्पू: एक गरीब बच्चा, जो ज़रूरत का सामान ढूंढ रहा है।
• कचरा वाला (कालू काका): एक साधारण सा सफाई कर्मचारी।
• कुछ और कलाकार: जो भीड़ का हिस्सा बनकर नाटक में भाग लेते हैं।
• (नाटक की शुरुआत एक उदास और तेज संगीत से होती है, जिसमें kuch कलाकार कचरा उठाते औरफेंकते दिखाई देते हैं। वे थके हुए kehte hain ki ye saman fekne ki halat mein toh nhilgta isko toh doabar istemal kiya ja skata tha khair chodo)
• सूत्रधार (रोहन):
(दर्शकों की तरफ होकर)
नमस्ते दोस्तों! देखिए, यह humare samaaj का हाल है।
हर गली, हर शहर कचरे से परेशान है।
हम रोज़ कुछ न कुछ नया खरीदते हैं,
और पुराना सामान बिना सोचे-समझे फेंक देते हैं।
• (दामिनी आंटी मंच पर आती है, उनके हाथ में पुराने कपड़े, किताबें और एक टूटा हुआ खिलौना है। वहउन्हें कचरे के ढेर पर फेंकने वाली होती है।)
• दामिनी आंटी:
अरे! यह पुरानी साड़ी, यह फटी kitabein ,
कौन रखेगा इन बेकार चीज़ों ko ?
inhe fek hi deti hu.
• (कालू काका कचरा उठाने आते हैं। तभी पप्पू, जो दूर से यह सब देख रहा है, दौड़ता हुआ आता है।)
पप्पू:
अरे, रुक जाइए!
आप यह सब क्यों फेंक रही हैं?
यह खिलौना… यह kitabein… मेरे लिए ye kabaad नहीं है, ye sb mujhe dedijiye ।
दामिनी आंटी:
(आश्चर्य से)
अरे beta, ये तो पुराने हो चुके हैं।
तुम इनका क्या करोगे?
पप्पू:
(खिलौने को प्यार से छूते हुए)
यह खिलौना meri choti behen को बहुत पसंद आएगा।
और यह kitabein … इससे मैं पढ़ना सीखूँगा।
(दामिनी आंटी शर्मिंदा हो जाती है।)
सूत्रधार (रोहन):
(रोहन बीच में आता है)
देखा दोस्तों! एक का कचरा, दूसरे ke liye kanchan saabit hoskta है।
in sabhi ka thikana toh hai humara ye 3R centre. ( pointing towards the 3R centre)
(रोहन और बाकी कलाकार मिलकर गाना गाते हैं)
गाना:
• रिड्यूस, रियूज, रीसाइकल,
• कचरे से मुक्ति का है नया सर्कल।
• पुराना सामान अब बेकार नहीं,
• नए जीवन की है यह नई कहानी।
• आओ-आओ 3R सेंटर चलो,
• नेक काम में हाथ बटाओ,
• अपना-पराया सब छोड़ो,
• दान करो और पुण्य कमाओ!
(गाने के बाद, रोहन एक बोर्ड लगाता है, जिस पर लिखा है “3R सेंटर – यहाँ दान करें“। वह दामिनी आंटी कोसमझाता है।)
रोहन:
दामिनी आंटी! आप यह सब फेंकने की बजाय
हमारे 3R सेंटर में दान कर सकती हैं।
जो सामान आपके लिए पुराना है,
वह किसी ज़रूरतमंद के लिए brand new saabit hoskta hai.
दामिनी आंटी:
(सोचते हुए)
सचमुच? तो क्या मेरे पुराने कपड़े और किताबें
किसी के काम mein आ सकते हैं?
रोहन:
बिल्कुल!
यह चक्रीय अर्थव्यवस्था mtlb ki (सर्कुलर इकोनॉमी) है।
कोई भी चीज़ बर्बाद नहीं होती damini aunty ,
बस उसका इस्तेमाल करने वाला बदल जाता है।
(कालू काका भी खुश होकर कहते हैं)
कालू काका:
वाह! यह तो बहुत अच्छा काम है।
अब toh कचरे का बोझ भी कम होगा aur दूसरों की खुशी भी मिलेगी।
(पप्पू अपने नए खिलौने और किताब के साथ बहुत खुश है।)
पप्पू:
धन्यवाद! आप सबने मुझे नई खुशी दी है।
(दामिनी आंटी अब प्रेरित हो चुकी है। वह अपने घर के अंदर से और सामान लाती है, जिसमें कपड़े, बर्तन औरकुछ पुराने खिलौने हैं। वह उन्हें 3R सेंटर के पास रखती है।)
दामिनी आंटी:
(मुस्कुराते हुए)
आज से मैं कुछ भी नहीं फेंकूँगी।
सब कुछ 3R सेंटर में लाऊंगी।
चीज़ों को नया जीवनdaan दूँगी, aur kisi zaroort mandd ko khushiyon ka mauka bhi ।
(सभी कलाकार एक साथ आकर संदेश देते हैं)
सभी कलाकार:
• एक: पुराना नहीं, यह नया प्यार है!
• दो: ज़रूरत को पूरी करने का यह नया संस्कार है!
• तीन: चक्रीय अर्थव्यवस्था का यही है संदेश,
• चार: कोई भी चीज़ अब नहीं होगी शेष!
सभी एक साथ:
• चलो 3R अपनाएं, धरती को बचाएं!
• दान करें, नेक काम कमाएं!
(नाटक का समापन होता है।)