नुक्कड़ नाटक: EK स्वच्छ समाज का सपना पात्र: • सूत्रधार: कहानी को बताने वाला • बुजुर्ग: एक अनुभवी और समझदार व्यक्ति • पप्पू: एक युवा, जो अपनी आदतों से बेखबर है • मीना: एक जागरूक और समझदार महिला • अन्य पात्र: कुछ लोग जो भीड़ का हिस्सा हैं • दृश्यों का क्रम: • दृश्य 1:(नुक्कड़ पर चहल-पहल है। कुछ लोग खड़े हैं, कुछ बात कर रहे हैं। तभी पप्पू केले का छिलका खाकरबीच सड़क पर फेंक देता है।) • सूत्रधार:सुनो-सुनो, भाई सुनो suno !स्वच्छता है हम सबका कर्तव्य,पर कौन nibhayega ये फर्ज? यही तो है असली सवाल,जब हर कोई feke कचरा बाहर। • पप्पू:(केले का छिलका फेंकते हुए, looks for a dustbin around)क्या hi फर्क पड़ता है? कोई और उठा लेगा। mujhe क्या है? • बुजुर्ग:(पप्पू को देखते हुए)beta , ये सड़क सिर्फ tumhari नहीं hai , balki हम sabhi ki है। अगर सब ऐसा ही सोचेंगे तो हमारादेश साफ कैसे होगा? • पप्पू:(हँसते हुए)बाबा, रहने dijiye । ये सब बातों से कुछ नहीं होता। • (तभी मीना वहाँ आती है और केले के छिलके से फिसलते-फिसलते बचती है।) • मीना:(गुस्से में)हे भगवान! अगर मैं गिर जाती तो? किसने फेंका ये कचरा yahan sadak ke beech ? • पप्पू:(मीना को अनदेखा करते हुए आगे बढ़ जाता है) • मीना:(छिलका उठाकर पास के कूड़ेदान में डालती है)hadd hai ! कूड़ेदान itna पास honey ke bawajood, फिर भी लोग itni laparwahi...